Sahib ganj:जिले में सावन की दस्तक के साथ हुई लगातार बारिश ने राजमहल के पहाड़ियों की गोद में आदिकाल से विराजमान मोतिनाथ धाम बाबा नगरी व पर्यटन स्थल मोतीझरना की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं।बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण झरने का जलप्रवाह काफी तेज हो गया है, जिससे यहां का मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।ऊंची चट्टानों से दूधिया धार बनाकर गिरता पानी और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों के लिए किसी प्राकृतिक स्वर्ग से कम नहीं लग रही है।
बारिश के बाद मोतीझरना का नजारा पूरी तरह बदल गया है।दूर-दूर से श्रद्धालु, पर्यटक और प्रकृति प्रेमी यहां पहुंचकर झरने की सुंदरता का आनंद ले रहे हैं,कई लोग इस खूबसूरत पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं,झरने के आसपास का वातावरण पूरी तरह शांत,स्वच्छ और प्राकृ तिक सौंदर्य से भर गया है,जिससे यहां आने वाले लोगों को मानसिक सुकून भी मिल रहा है।मोतीझरना केवल प्राकृतिक पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है।झरने के समीप स्थित बाबा मोतिनाथ धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन माह शुरू होने के साथ यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का यह अद्भुत संगम लोगों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में मोतीझरना अपने पूरे शबाब पर होता है,लेकिन इस बार अच्छी बारिश के कारण झरने का दृश्य और भी अधिक मनमोहक हो गया है।प्रशासन की ओर से भी पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे झरने के समीप सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और फिस लन वाले स्थानों पर सावधानी बरतें।
आगे मोतिनाथ धाम बाबानगरी के मुख्य पुजारी बाबा चंदन पांडेय ने बताया कि सावन भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इस वर्ष अच्छी बारिश होने से मोतीझरना का स्वरूप अत्यंत दिव्य और आकर्षक हो गया है। दूर-दूर से श्रद्धालु बाबा मोतिनाथ के दर्शन करने पहुंच रहे हैं और झरने के इस अद्भुत दृश्य का आनंद भी ले रहे हैं।उन्होंने कहा कि “प्रकृति और भगवान शिव का यह अद्भुत संगम लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। सावन में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना बाबा मोतिनाथ की कृपा से पूर्ण होती है। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह है कि दर्शन के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।






